कॉपर वायर बनाने का उद्योग, व्यापार की शुरुआत एवं उचित योजना।

परिचय:- किसी भी धातु में प्रतिरोधकता का स्तर जितना कम होगा, उतनी ही अधिक विद्युत चालकता होगी। कॉपर में प्रतिरोधकता कम और विद्युत चालकता ज्यादा होती है यही वजह है कि कॉपर एक अति प्रकृष्ट संवाहक है। कॉपर में अन्य धातु के मुकाबले में कम ऑक्सीडेटिव है।

कॉपर की इन्ही गुणों के कारण इसका इस्तेमाल तार बनाने में किया जाता है। जिसका इस्तेमाल बिजली उत्पादन, बिजली हस्तांतरण, दूरसंचार, बिजली वितरण, इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किटरी आदि के लिए किया जाता है।

इसका इस्तेमाल रेलवे में सभी प्रकार के विद्युत तारों, नियंत्रण, टेलीफोन और सिग्नलिंग में बिजली वितरण आदि के लिए किया जाता है। रेलवे के अलावा इसका इस्तेमाल घर, दुकानों और अन्य जगह पर भी किया जाता है।

इस उत्पाद के कुछ थोक खरीददार कोयला क्षेत्र, रेलवे, बिजली बोर्ड, विमानन उद्योग, सभी प्रकार के पावर स्टेशन और हाउसिंग बोर्ड / कॉलोनाइजर्स है।

सम्भावना:- औद्योगिक क्षेत्र और बिजली उत्पादन में विकास होने के कारण कॉपर वायर का इस्तेमाल बढ़ गया है और बाजार में इसकी मांग भी बढ़ गयी है। बाजार में इसकी मांग नवीकरण कार्य की वजह से भी होता है। पुराने तारों में शार्ट सर्किट का डर होता है इसीलिए तारो को समय समय पर बदला जाता है जिससे शार्ट सर्किट जैसे परेशानी से बचा जा सके।

प्रशिक्षण:- कॉपर वायर बनाने से पहले उसकी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ले ले। इससे आपको इसकी गुणवत्ता का अनुमान हो जायेगा और किसी अन्य प्रकार के नुकसान से भी बचा जा सकता है।

योजना:- किसी उद्योग को शुरू करने के लिए उसका निवेश इस बात पर भी निर्भर करता है की आप कौन से स्तर पर और किस तरह के मशीन के साथ यह उद्योग शुरू कर रहे है। इसके अलावा अन्य खर्चा जैसे की जगह का किराया, रजिस्ट्रेशन का खर्चा आदि में भी लग सकता है।

सामग्री:- इस उद्योग को शुरू करने के लिए आपको आवश्यक कच्चे माल जैसे की ई.सी. ग्रेड एल्यूमीनियम तार, पीवीसी यौगिक (केबल ग्रेड) और पैकेजिंग उपभोग्य की जरुरत होगी।

औद्योगिक क्षेत्र और बिजली उत्पादन में विकास होने के कारण कॉपर वायर का इस्तेमाल बढ़ गया है और बाजार में इसकी मांग भी बढ़ गयी है। बाजार में इसकी मांग नवीकरण कार्य की वजह से भी होता है। पुराने तारों में शार्ट सर्किट का डर होता है इसीलिए तारो को समय समय पर बदला जाता है जिससे शार्ट सर्किट जैसे परेशानी से बचा जा सके।
कॉपर वायर

मशीनरी और उपकरण:- कॉपर वायर बनाने के लिए निम्लिखित मशीन की जरुरत होगी:-

• पीवीसी बाहर निकालना और तार कोटिंग मशीन 50 मिमी, स्वचालित तापमान संकेतक नियंत्रक और विद्युत मोटर्स
• तार सीधे करने वाले उपकरण
• मापने और लच्छा बनाने मशीन
• केबल प्रिंटिंग मशीन
• स्पार्क परीक्षक और वर्नियर माइक्रोमीटर
• विद्युत रूप से हीटर थर्मोस्टेटिक रूप से नियंत्रित वायु शीतल ओवन
• यात्रा माइक्रोस्कोप 0.100 मिमी कम से कम 0.001 बढ़ाई 10X गिनती
• रासायनिक संतुलन 0.200 ग्राम कम से कम 0.1 मिलीग्राम मापें
• काल्विन डबल ब्रिज और तनन परीक्षण करने की मशीन
• दबाव परीक्षण उपकरण और उच्च वोल्टेज परीक्षण सेट एसी (0 से 10 केवी)

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प्रक्रिया:- आवश्यकता अनुसार आकार के कॉपर के तार को एक्सट्रूडर डाला जाता है जिसमें पीवीसी को निर्दिष्ट मोटाई के अनुसार तार पर परत चढ़ाया जाता है। उसके बाद शीतलन टैंक से गुजरते हुए बाहर निकाला जाता है और उसको टेक-ऑफ सिस्टम पर रखा जाता है। वहां इसे 100 मीटर की लंबाई में ढाला जाता है और आईएस विनिर्देशन के अनुसार परीक्षण किया जाता है।

गुणवत्ता नियंत्रण और मानक:- भारतीय मानक ब्यूरो ने कुछ मानक निश्चय किया है जिसके अनुसार आप अपने सामान को बाजार में बेच सकते है। आप पीवीसी केबल निर्माण व्यवसाय की निर्यात क्षमता के लिए इन मानकों को अपना सकते हैं और इनसे क्वालिटी चेक का सर्टिफिकेट भी ले सकते हैं।

ब्रांड एवं मार्केटिंग:- आपको अपने उद्योग को एक अच्छा सा ब्रांड नाम देकर और उसकी अच्छे से मार्केटिंग करनी चाहिए। इससे लोगो में आपकी पहचान बनेगी और आपका व्यापार का विकास होगा। अगर आपका उत्पादन अच्छी गुणो का हुआ तो समय में साथ आप अपना सामान निर्यात भी कर सकते हैं।

लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन:- अपने ब्रांड से वायर बना कर बेचने के लिए आपको आपको कंपनी रजिस्ट्रार से पंजीकृत, नगर प्राधिकरण से ट्रेड लाइसेंस, जीएसटी पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण एनओसी प्रमाण पत्र, बीआईएस प्रमाणन, ट्रेडमार्क पंजीकरण, व्यापार लाइसेंस, कर पंजीकरण आदि की जरुरत होगी। अगर आप भविष्य में आयात और निर्यात करते हैं तो उसके लिए लाइसेंस की जरुरत होगी।

फसलबाज़ार

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