खीरा की खेती, पैदावार तथा व्यापारिक महत्व।

परिचय:- खीरा की उत्पत्ति मूलतः भारत से ही हुई है, और लता वाली सब्जियों में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। इसके फलों का उपयोग मुख्य रूप से सलाद के लिए किया जाता है। इसके फलों के 100 ग्राम खाने योग्य भाग में 96.3 प्रतिशत जल, 2.7 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 0.4 प्रतिशत प्रोटीन, 0.1 प्रतिशत वसा और 0.4 […]

फूलगोभी की जैविक खेती तथा इसके व्यापारिक महत्व।

परिचय:- फूलगोभी भारत की प्रमुख सब्जी है इसकी खेती पूरे भारतवर्ष में की जाती है। इससे किसान अत्याधिक लाभ उठा सकते है। इसको सब्जी, सूप और आचार के रूप में प्रयोग करते है। इसमे विटामिन बी की पर्याप्त मात्रा के साथ-साथ प्रोटीन भी पायी जाती है। जलवायु:- फूलगोभी के लिए ठंडी और आर्द्र जलवायु की […]

टमाटर की खेती एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्व।

परिचय:- टमाटर सब्जीयों की खेती में एक मुख्य फसल है। इसमें खाद्य पौष्टिक पदार्थ प्रचूर मात्रा में मिलते हैं। एक अत्यंत लोकप्रिय सब्जी होने के कारण देश भर में सफलता पूर्वक उगाई जाती है। इसके फल शहरों में प्राय: सालभर उपलब्ध रहते हैं। दूसरे विश्व के हर भाग में पैदावार के हिसाब से आलू के […]

आलू की पारंपरिक तथा वैज्ञानिक खेती और व्यापार।

आलू को यदी सब्जियों का राजा कहें तो कोई ग़लती नहीं होगी। वैसे तो यह मूल रूप से अमेरिका की सब्ज़ी है। लेकिन भारत के सब्जियों का आधार आलू हीं है। बिना इसके हम आधे से अधिक भोज्य पदार्थ की कल्पना भी नहीं कर सकते। आलू की खेती भारत के 27 राज्यों में की जाती […]

कुटीर में कृषि की भूमिका तथा आलू का महत्व।

कोविड-19 वैश्विक महामारी के असर में कुटीर ऊद्योग एक जरूरत है। जो बेरोजगारी से बचने का एक मात्र उपाय भी है। कुटीर ऊद्योग की महत्वता को देखते हुए तथा आने वाले भविष्य को ध्यान में रखते हुए, भारत के प्रधानमंत्री ने लोगों से लोकल की महत्वता को समझने का आवाहन किया है। इसके तहत भारत […]

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