फसल बाज़ार का साप्ताहिक समाचार पत्र।

फसल बाज़ार ने इस सप्ताह भारत सरकार के द्वारा चलाये जा रहे आत्मनिर्भर भारत का बीड़ा उठाया। किसानों तथा मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती की जानकारी साझा की। इस खेती के तहत हमनें प्याज, आलू, खाने में प्रयोग किय जाने वाले तेल की विशेष रूप से चर्चा की। चुकी भारत सरकार आवश्यक वस्तु […]

प्याज की सड़न से सुरक्षा एवं भंडारण।

प्याज हमारे भोजन का एक महत्वपूर्ण अंग है। लेकिन अक्सर इसकी कीमतें खाने वालों के आँसू निकाल देते हैं। प्याज तो देश में सरकार तक बना और गिरा देती है। इसकी कीमतों के पीछे भंडारण एक बड़ी वजह है। किसान अक्सर इसका भंडारण अपने घर के आँगन में ही कर लेते हैं। ऐसा करने से […]

प्याज की पारंपरिक तथा वैज्ञानिक खेती और व्यापार।

प्याज एक वनस्पति है। इसके जड़ को सब्ज़ी के रूप में प्रयोग किया जाता है। भारत के महाराष्ट्र में प्याज़ की खेती सबसे ज्यादा होती है। महाराष्ट्र के नाशिक को प्याज का गढ़ कहा जाता है। इसमें प्रोटीन एवं कुछ मात्रा में विटामिन भी पाए जाते हैं। इसकी खेती 5000 वर्षों से अधिक समय से […]

आलू की पारंपरिक तथा वैज्ञानिक खेती और व्यापार।

आलू को यदी सब्जियों का राजा कहें तो कोई ग़लती नहीं होगी। वैसे तो यह मूल रूप से अमेरिका की सब्ज़ी है। लेकिन भारत के सब्जियों का आधार आलू हीं है। बिना इसके हम आधे से अधिक भोज्य पदार्थ की कल्पना भी नहीं कर सकते। आलू की खेती भारत के 27 राज्यों में की जाती […]

कुटीर में कृषि की भूमिका तथा आलू का महत्व।

कोविड-19 वैश्विक महामारी के असर में कुटीर ऊद्योग एक जरूरत है। जो बेरोजगारी से बचने का एक मात्र उपाय भी है। कुटीर ऊद्योग की महत्वता को देखते हुए तथा आने वाले भविष्य को ध्यान में रखते हुए, भारत के प्रधानमंत्री ने लोगों से लोकल की महत्वता को समझने का आवाहन किया है। इसके तहत भारत […]

कुटीर व लघु उद्योग में सरकार की सहभागिता तथा बढ़ावा।

अकाल और वैश्विक संकट के समय कुटीर उद्योग किसी भी देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ का कार्य करता है। भारत जैसे विकासशील देश के लिए तो कुटीर और लघु उद्योग इसके अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैश्विक महामारी और अकाल के समय तो आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति भी इन्हीं के द्वारा की […]

कुटीर उद्योग का चुनाव एवं व्यापारिक दृष्टि।

कुटीर उद्योग क्या है, इसके कितने प्रकार हैं। क्या महत्व है? आदी के लिए पिछले आर्टिकल को पढ़ सकते हैं।कुटीर उद्योग का चुनाव कैसे किया जाए? हमारा उद्योग क्या हो जिससे हम व्यापारिक दृष्टि से भी सुदृढ बनें। ये सवाल बहुत ही महत्वपूर्ण है आज के परिदृश्य में किस प्रकार के उद्योगों को चुना जाना […]

कुटीर उद्योग, प्रकार, विकास तथा संभावनाएं।

कुटीर उद्योग उन उद्योगों को कहा जाता है। जिसमें कुशल कारीगर उत्पाद का उत्पादन अपने घर में ही करता है। भारत में पूर्व से हीं यह प्रथा चली आ रही है। कारखानों की नौकरियों की तरफ आकर्षित होने के कारण कुटीर उद्योगों का तेजी से विनाश हुआ। जिसके फलस्वरूप कुशल कारीगरी की भी कमी हुई […]

आत्मनिर्भर भारत तथा कुटीर उद्योग।

आपदा को अवसर में बदलने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आवाहन किया। कोविड-19 महामारी संकट को अवसर में बदलने में आत्मनिर्भर भारत अभियान निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा आधुनिक भारत की पहचान बनेगा।  लेकिन इस आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक भारतीय को दृढ़ संकल्प लेना […]

तिलहन में महत्वपूर्ण सरसों परिचय, खेती और व्यापार।

विश्व में तिलहन वाली प्रमुख फसलें मूंगफली, सरसों, सोयाबीन एवं सूरजमुखी है। भारत में तिलहनी फसलों के रूप में मुख्य रूप से मूंगफली, सोयाबीन, सरसों, सूरजमुखी, कुसुम, अरण्डी, तिल एवं अलसी उगाई जाती है। परिचय:- खाद्य तेलों में सरसों भारत में किसानों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय है। यह एक वर्षीय शाक जाती का पौधा […]

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