प्याज की सड़न से सुरक्षा एवं भंडारण।

प्याज हमारे भोजन का एक महत्वपूर्ण अंग है। लेकिन अक्सर इसकी कीमतें खाने वालों के आँसू निकाल देते हैं। प्याज तो देश में सरकार तक बना और गिरा देती है। इसकी कीमतों के पीछे भंडारण एक बड़ी वजह है। किसान अक्सर इसका भंडारण अपने घर के आँगन में ही कर लेते हैं। ऐसा करने से […]

प्याज की पारंपरिक तथा वैज्ञानिक खेती और व्यापार।

प्याज एक वनस्पति है। इसके जड़ को सब्ज़ी के रूप में प्रयोग किया जाता है। भारत के महाराष्ट्र में प्याज़ की खेती सबसे ज्यादा होती है। महाराष्ट्र के नाशिक को प्याज का गढ़ कहा जाता है। इसमें प्रोटीन एवं कुछ मात्रा में विटामिन भी पाए जाते हैं। इसकी खेती 5000 वर्षों से अधिक समय से […]

आलू की पारंपरिक तथा वैज्ञानिक खेती और व्यापार।

आलू को यदी सब्जियों का राजा कहें तो कोई ग़लती नहीं होगी। वैसे तो यह मूल रूप से अमेरिका की सब्ज़ी है। लेकिन भारत के सब्जियों का आधार आलू हीं है। बिना इसके हम आधे से अधिक भोज्य पदार्थ की कल्पना भी नहीं कर सकते। आलू की खेती भारत के 27 राज्यों में की जाती […]

कुटीर में कृषि की भूमिका तथा आलू का महत्व।

कोविड-19 वैश्विक महामारी के असर में कुटीर ऊद्योग एक जरूरत है। जो बेरोजगारी से बचने का एक मात्र उपाय भी है। कुटीर ऊद्योग की महत्वता को देखते हुए तथा आने वाले भविष्य को ध्यान में रखते हुए, भारत के प्रधानमंत्री ने लोगों से लोकल की महत्वता को समझने का आवाहन किया है। इसके तहत भारत […]

कुटीर व लघु उद्योग में सरकार की सहभागिता तथा बढ़ावा।

अकाल और वैश्विक संकट के समय कुटीर उद्योग किसी भी देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ का कार्य करता है। भारत जैसे विकासशील देश के लिए तो कुटीर और लघु उद्योग इसके अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैश्विक महामारी और अकाल के समय तो आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति भी इन्हीं के द्वारा की […]

कुटीर उद्योग में भविष्य एवं निवेश।

कुटीर उद्योग के विषय में अधिक जानकारी के लिए आप हमारे पिछले आर्टिकल को पढ़ सकते हैं। अब सवाल ये उठता है की कुटीर उद्योग के गुण क्या हो सकतें हैं ? उसमें निवेश कितने का किया जा सकता है? कुछ कुटीर ऊद्योग जो आप कम-से- कम पूँजी में अपनें परिवार के साथ अपने घर […]

कुटीर उद्योग, प्रकार, विकास तथा संभावनाएं।

कुटीर उद्योग उन उद्योगों को कहा जाता है। जिसमें कुशल कारीगर उत्पाद का उत्पादन अपने घर में ही करता है। भारत में पूर्व से हीं यह प्रथा चली आ रही है। कारखानों की नौकरियों की तरफ आकर्षित होने के कारण कुटीर उद्योगों का तेजी से विनाश हुआ। जिसके फलस्वरूप कुशल कारीगरी की भी कमी हुई […]

आत्मनिर्भर भारत तथा कुटीर उद्योग।

आपदा को अवसर में बदलने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आवाहन किया। कोविड-19 महामारी संकट को अवसर में बदलने में आत्मनिर्भर भारत अभियान निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा आधुनिक भारत की पहचान बनेगा।  लेकिन इस आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक भारतीय को दृढ़ संकल्प लेना […]

तिलहन में महत्वपूर्ण सरसों परिचय, खेती और व्यापार।

विश्व में तिलहन वाली प्रमुख फसलें मूंगफली, सरसों, सोयाबीन एवं सूरजमुखी है। भारत में तिलहनी फसलों के रूप में मुख्य रूप से मूंगफली, सोयाबीन, सरसों, सूरजमुखी, कुसुम, अरण्डी, तिल एवं अलसी उगाई जाती है। परिचय:- खाद्य तेलों में सरसों भारत में किसानों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय है। यह एक वर्षीय शाक जाती का पौधा […]

अलसी या तीसी का पौष्टिक महत्व खेती और व्यापार।

परिचय:- विश्व भर में भारत का तिलहन उत्पादन में एक महत्वपूर्ण योगदान है। तिलहन क्षेत्र, उत्पादन और मूल्य के मामले में अनाज़ के बाद ही आते हैं। तिलहन में अलसी का एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसे अंग्रेजी में लिनसीड यानी अति उपयोगी बीज भी कहा जाता है। यह विश्व की छठी सबसे बड़ी तिलहन फसल है। […]

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